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सियासत: ‘हर काम सत्ता के लिए नहीं’; पीएम मोदी जयललिता को यादकर बोले- 2002 दंगों के बाद हमेशा साथ खड़ी रहीं

प्रधानमंत्री ने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि उनका हर कदम सिर्फ सत्ता, चुनावी जीत के लक्ष्य से उठाया गया नहीं होता। पीएम ने कहा, यदि चुनावी जीत ही उनका एकमात्र लक्ष्य होता तो वह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता नहीं देते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2002 के दंगों को लेकर उन्होंने जो आलोचना झेली, अन्नाद्रमुक की पूर्व प्रमुख दिवंगत जयललिता कभी उससे प्रभावित नहीं हुईं और हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। एक इंटरव्यू में पीएम जयललिता के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि पूर्व सीएम उनसे मिलने भी आई थीं। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन टूटने पर उन्होंने कहा, इसके लिए अन्नाद्रमुक को पछतावा होना चाहिए क्योंकि उन्होंने अम्मा के सपने को नुकसान पहुंचाया है।

प्रधानमंत्री ने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि उनका हर कदम सिर्फ सत्ता, चुनावी जीत के लक्ष्य से उठाया गया नहीं होता। पीएम ने कहा, यदि चुनावी जीत ही उनका एकमात्र लक्ष्य होता तो वह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता नहीं देते। मोदी ने कहा, चूंकि मैं एक नेता हूं तो इसका यह मतलब नहीं है कि मैं जो भी करता हूं वह चुनाव जीतने या सत्ता अथवा वोट हासिल करने के लिए होता है। पीएम ने कहा, यदि ऐसा होता तो मैं पूर्वोत्तर के इतने दौरे नहीं करता। मैं देश के सभी प्रधानमंत्रियों को मिलाकर पूर्वोत्तर के कुल दौरों से अधिक बार उस क्षेत्र में गया हूं। पीएम मोदी ने तमिलनाडु में विकास के कामों का जिक्र करते हुए राज्य की असीम संभावनाओं पर जोर दिया।

विकसित भारत का अर्थ विकसित राज्य

पीएम ने कहा, विकसित राज्य ही विकसित भारत है। इसका अर्थ है कि देश के हर हिस्से में विकास होना चाहिए। यानी यह विकसित तमिलनाडु भी है। विकसित भारत के लिए हमें हर राज्य को विकसित करना होगा। तमिलनाडु में असीम संभावनाएं हैं जो बर्बाद नहीं होना चाहिए। मेरा भरोसा है कि विकसित भारत के लिए पीछे तमिलनाडु मुख्य चालक बल हो सकता है।

 

अन्नामलाई ने युवाओं को प्रेरित किया

पीएम ने इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा, हमने तमिलनाडु के लिए तब भी काम किया जब हमारे पास एक नगरपालिका उम्मीदवार तक नहीं था। अन्नामलाई आज युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। युवा सोचते हैं कि यदि पैसा या भ्रष्टाचार के कारण अन्नामलाई राजनीति में आए होते तो वह डीएमके या एआईडीएमके ज्वाइन करते। अन्नामलाई स्वार्थ या निजी वजहों से भाजपा में नहीं आए बल्कि देश के लिए काम करने के खातिर यहां आए। वह देश और तमिलनाडु के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा की जीत का भरोसा भी दिलाया।

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