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भगवान शंकर आश्रम बना निर्बलों का सहारा

*भगवान शंकर आश्रम बना निर्बलों का सहारा
22 जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचा फ्री राशन*

(छह वर्ष, हर माह, निःशुल्क राशन बेसहारों
के लिए माँ अन्नपूर्णा का अविरल वरदान) उत्तराखण्ड में अवस्थित आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के तत्त्वावधान में संचालित भगवान शंकर आश्रम द्वारा घोषित माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना के अन्तर्गत धनिष्ठा नक्षत्र की सप्तमी को क्षेत्र के अतिनिर्धन और वंचित 22 परिवारों को जून माह का निःशुल्क मासिक घरेलू राशन वितरित किया गया। सन् 2020 से यह अभियान परमप्रज्ञ जगद्गुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के सानिध्य में संचालित है।

किसी भी समाज की वास्तविक समृद्धि का मापदण्ड इस बात से निश्चित होता है कि सर्वाधिक निर्बल व्यक्ति की स्थिति क्या है। माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना इसी भावना का मूर्त रूप है। जो कोरोना काल में कुछ परिवारों तक पहुँचने वाले एक साधारण प्रयास के रूप में आरम्भ हुई थी। किन्तु अन्न का यह सेतु आज अनेक जीवनों को आधार प्रदान कर रहा है। जिस घर में चूल्हा जलने की चिन्ता हो, वहाँ महीने भर का राशन पहुँच जाना केवल मन को शांति नहीं, अपितु आत्मसम्मान और जीने की आस्था का पुनर्जागरण है। एक मुट्ठी अन्न से आरम्भ हुआ यह संकल्प धीरे-धीरे एक विशाल मानवीय आन्दोलन का स्वरूप ग्रहण कर रहा है।

समाज सुधारक योजनाएँ अक्सर निरन्तर रूप से संचालित नहीं हो पातीं। महँगाई और अव्यवस्था उन्हें ले डूबती है। किन्तु माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना सन् 2020 से आज तक अविरल प्रवाहित हो रही है, जो इसकी सुदृढ़ व्यवस्था और गहन संवेदनशीलता का प्रमाण है। यहाँ सहायता किसी एक अवसर तक सीमित नहीं, अपितु प्रति मास अनवरत प्रवाहित होने वाली करुणा की धारा है।
परमप्रज्ञ जगद्गुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के सानिध्य में संचालित यह योजना इस विश्वास पर आधारित है कि सेवा का प्रत्येक छोटा कार्य समष्टि में एक बड़े परिवर्तन का बीज बन जाता है। एक परिवार की भूख मिटाने से जो शृंखला आरम्भ होती है, वह समूचे समाज में सद्भाव, स्थायित्व और परस्पर सहयोग की संस्कृति को सुदृढ़ करती है। यही इस सेवा-यज्ञ की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि एक लघु प्रयास सहस्रों हृदयों में आशा का दीप प्रज्वलित कर देता है।

भंडारा कार्ड धारक व्यक्तियों को दी जाने वाली सामग्री में सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाता है। इन वस्तुओं में 15 किलो गेहूँ का आटा, 10 किलो चावल, दो किलो काला चना, दो लीटर सरसों का तेल, आदि प्रदान किया जाता है। अति निर्बल, बीमार और आने में असमर्थ परिवारों को राशन उनके घरों पर भी पहुँचाया जाता है। बच्चों द्वारा त्याग दिए गए वृद्ध व्यक्तियों, निराश्रित विधवाओं, बेसहारों के अपंग, बीमार और अत्यंत निर्धन व्यक्तियों के लिए यह भंडारा कार्ड योजना आश्रम की तरफ़ से संचालित है जिसे शीघ्र ही अन्य अनेक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा।

आज के इस वितरण कार्यक्रम में हरीश त्यागी, सोमलता अनिल दलाल, अजय त्यागी, प्रीतेश आर्यम,जया शर्मा , अरविंद शर्मा, रीना चौहान ,इंदिराबेन मिश्रा ,संध्या, राकेश रघुवंशी आदि का सहयोग

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