Blog

सम्मान दृष्टि से देखें अर्ध कुम्भ मेला प्रशासन अखाड़ों को

कुम्भ मेला प्रशासन सबको सभी अखाड़ों को एक सा सम्मान दे

अर्ध कुंभ मेला 2027 में सभी अखाड़ों को समान दृष्टि से देखें मेला प्रशासन मान सम्मान में कमी हुई दोबारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा यह कहना है पंचायती अखाड़ा श्री निरजनी और जूना अखाड़े के महंतों का कुंभ मेला किसी एक अखाड़े से नहीं है सभी अखाड़ों से है तो सबको सम्मान देना मेला प्रशासन का दायित्व है वही मेला प्रशासन प्रशासन अर्ध कुंभ 2027 की तैयारी में पूर्ण रूप से जुटा लगातार कुंभ के मेले की बैठक चल रही हैं अर्धकुंभ को 2027 को पूर्ण करने के लिए मेला अधिकारी सोनीका सिंह पूर्ण तरह से समर्पित हैं वहीं आज कुंभ मेले की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सभी अखाड़ों को आमंत्रित अखाड़े के संतों की नाराजगी बढ़ गई मेला प्रशासन अधिकारी एक निजी अखाड़े के भंडारे में पहुंचे और उसकी टीम निरंजनी अखाड़े व जूना अखाड़े में नहीं गई इस कारण पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और जूना अखाड़े के महंतो को नाराजगी हो गई
निरंजनी अखाड़े और जूना अखाड़े के महंतों कुम्भ की बैठक नहीं आए जब मेला प्रशासन मेला करना चाहता है तो सभी अखाड़ों को समान रूप से सम्मान देना अनिवार्य है कुंभ मेले की बैठक से पूर्व मेला प्रशासन को वहां नहीं जाना चाहिए था इसी को लेकर अखाड़े में नाराजगी दिखाई दी निरंजनी अखाड़े के महंतों का कहना है अर्ध कुंभ मेला हरिद्वार बिना निरंजनी अखाड़े और जूना अखाड़े के कारण संभव नहीं है मेरा प्रशासन का वह पूर्ण तरह से शुरू से सहयोग करते आए हैं इस बार भी वह कुंभ में अपना पूर्ण सहयोग देंगे पर यदि प्रशासन का इस तरह का रवैया उन्हें अच्छा नहीं लगा
जब मेला प्रशासन उनको सम्मान दे जब मेला प्रशासन अखाड़े के भंडारे में गया तो निरंजनी और जूना अखाड़े में भी मेला प्रशासन को जाना चाहिए था अखाड़े के महंतों का कहना है मेला अधिकारी को सभी अखाड़ों के साथ समान सामंजस्य बनाकर रखना चाहिए यदि इस तरह की पुनरावृत्ति हुई तो हमें बड़ा कदम उठाना पड़ सकता है मेला प्रशासन सभी अखाड़ों को समान दृष्टि से देखा जाए कुंभ मेले में होगी कुंभ की गरिमा अखाड़े से ही है

Related Articles

Back to top button