मां गंगा का अवतरण दिवस धरती पर गंगा दशहरा श्री महंत डॉ रविंद्रपुरी

पुण्यसलिला माँ गंगा भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन आस्था की अमूल्य धरोहर हैं। गंगा दशहरा का पावन पर्व माँ गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण की दिव्य स्मृति में मनाया जाता है।
यह दिन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन माँ गंगा का अवतरण मानव कल्याण और धरती को पवित्र करने के लिए हुआ था। इसलिए गंगा दशहरा का पर्व श्रद्धा, भक्ति, सेवा और पुण्य का प्रतीक माना जाता है।
माँ गंगा को भारत में मोक्षदायिनी और पतितपावनी कहा गया है। उनकी निर्मल धारा करोड़ों लोगों के जीवन को ऊर्जा, विश्वास और आस्था प्रदान करती है।
हिमालय से निकलकर मैदानों तक बहती माँ गंगा केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय जनजीवन की आत्मा हैं। ऋषि-मुनियों ने तप किया और अनगिनत लोगों ने आध्यात्मिक शांति प्राप्त की। गंगा का पावन जल जीवन में पवित्रता, शांति और सकारात्मकता का संदेश देता है।
गंगा दशहरा हमें यह प्रेरणा देता है कि जिस प्रकार माँ गंगा बिना किसी भेदभाव के सबको अपना अमृत समान जल प्रदान करती हैं, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में प्रेम, दया, करुणा और सेवा का भाव रखना चाहिए।
जीवन में सच्ची महानता तभी आती है जब मन निर्मल हो और विचार पवित्र हों। माँ गंगा का स्वरूप त्याग, समर्पण और परोपकार का प्रतीक है। वे निरंतर बहते हुए हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में कभी रुकना नहीं चाहिए और सदैव दूसरों के हित के लिए कार्य करते रहना चाहिए।
आज के समय में माँ गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। बढ़ते प्रदूषण और लापरवाही के कारण नदियों की पवित्रता प्रभावित हो रही है। यदि हम वास्तव में माँ गंगा के प्रति श्रद्धा रखते हैं, तो हमें उनके संरक्षण का संकल्प भी लेना होगा।
गंगा की स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का धर्म है। हमें जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखना चाहिए।
माँ गंगा हम सभी के जीवन को अपने समान पवित्र, शांत और निर्मल बनाएं तथा हर घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का संचार करें। यही इस पावन अवसर पर सच्ची प्रार्थना और शुभकामना है।
मां भगवती मनसा देवी का आशीर्वाद आप सब पर सदैव बना रहे। हर हर महादेव।



