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संत ही संत को कर रहे हैं बदनाम करने की साजिश संतों की अलग राजनीति

राजनीति में सब चलता है नाम बदनाम करने की साजिश

लोकसभा चुनाव आते ही हरिद्वार लोकसभा सीट पर लेकर लेकर घमासान जारी है लगभग दो बार से सांसद रहे निशंक एक बार फिर सांसद की दौड़ में है परंतु हरिद्वार संत बाहुल्य क्षेत्र होने पर कई बड़े संतों के चेहरे भी इस लोकसभा चुनाव के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं परंतु राजनीति किस कदर गिर सकती है उसका प्रणाम इस चुनाव में देखने को मिल रहा है पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत पुरी के नाम पर एक फर्जी पर्ची बनाकर वायरल किया जा रहा है यदि कोई बायोडाटा बनाया जाता है तो उसे पर हस्ताक्षर होना भी अनिवार्य है कई ऐसे न्यूज़ पोर्टल इस तरह की खबरों को हवा दे रहे हैं जिससे श्री महंत रवींद्र पुरी की छवि धूमल की जा सके लोकसभा चुनाव का टिकट देना या ना देना स्वयं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा होना है परंतु इस तरह की गलत खबरें प्रसारित कर किसी की छवि धूमिल करना एक प्रकार की छिछोरी राजनीति का हिस्सा है कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसा कार्य कर रहे हैं लगातार विरोधी अपनी छिछोरे राजनीति को चमकाने के लिए प्रतिष्ठित संत की छवि धूमिल करने में किसी भी प्रकार की कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं राजनीति का ऊंट किस करवट यह तो भगवान नहीं मालिक है परंतु कुछ लोग अपनी छोटी मानसिकता दिखाते हुए किसी भी व्यक्ति की साफ छवि धूमिल करने में कोर कर्सर नहीं छोड़ना चाहते जबकि प्राप्त सूत्रों के अनुसार श्री महंत रवींद्र पुरी का कोई बायोडाटा बनाया ही नहीं गया अब देखना यह होगा इस तरह की गलत राजनीति करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो पाती है जब किसी को बायोडाटा दिया जाता है उसमें हस्ताक्षर करना अनिवार्य होता है पर्ची में हस्ताक्षर ही नहीं है इससे यह प्रतीत होता हैं राजनीति में सब जायज है चाहे वह सहयोग चाहे गलत अब आगे यह देखना होगा हरिद्वार लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी किसको टिकट देती है परंतु हरिद्वार के संत इस दौड़ में अपनी किस्मत आजमाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं

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