श्रावण मास का प्रथम सोमवार विधि विधान से करें भोलेनाथ की आराधना –स्वामी राम भजन वन

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन करें, प्राप्त होगी विशेष कृपा
– स्वामी राम भजन वन, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी
श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पावन और फलदायी माना जाता है। सनातन परंपरा में यह दिन शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
स्वामी राम भजन वन, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव स्वयं अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इस महीने में प्रत्येक सोमवार का व्रत एवं शिवलिंग का अभिषेक करने से पापों का क्षय होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पूजन विधि
प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान कर स्वच्छ एवं हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। घर अथवा मंदिर में भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा स्थल को शुद्ध करें। शिवलिंग का गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें। इसके पश्चात पुनः गंगाजल से स्नान कराएं।
भगवान शिव को बेलपत्र (तीन पत्तियों वाला), धतूरा, भांग, आक के पुष्प, सफेद पुष्प, चंदन, अक्षत तथा मौसमी फल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप प्रज्वलित कर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। शिव चालीसा, रुद्राष्टकम, महामृत्युंजय मंत्र तथा शिव आरती का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना गया है।
व्रत का महत्व
श्रावण सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को दिनभर सात्विक आचरण का पालन करना चाहिए। फलाहार अथवा एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करें तथा क्रोध, असत्य और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। संध्या समय पुनः भगवान शिव की आरती कर प्रसाद का वितरण करें।
विशेष संदेश
स्वामी राम भजन वन ने कहा कि भगवान शिव केवल आडंबर से नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा, सेवा, दया और सरल हृदय से प्रसन्न होते हैं। श्रावण मास हमें संयम, भक्ति और सदाचार का संदेश देता है। प्रत्येक श्रद्धालु को इस पावन अवसर पर शिव आराधना के साथ-साथ गौ सेवा, वृक्षारोपण, जरूरतमंदों की सहायता तथा समाज में प्रेम और सद्भाव का संदेश भी देना चाहिए।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर भगवान शिव का विधिपूर्वक पूजन करें, “ॐ नमः शिवाय” का जप करें तथा अपने जीवन को धर्म, सेवा और संस्कारों से आलोकित बनाएं। भगवान भोलेनाथ की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का वास हो।
हर-हर महादेव।

