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शक्ति पूजा बढ़ाती है सुख और समृद्धि ;श्री महंत रवींद्र पुरी

देवी के लिए सोलह श्रृंगार
देवी पुराण के मुताबिक नवरात्रि के दौरान मां को प्रसन्न करने के लिए उनका सोलह श्रृंगार किया जाता है। माता के श्रृंगार में लाल चुनरी, चूड़ी, इत्र, सिंदूर, बिछिया, महावर, मेहंदी, काजल, फूलों का गजरा, कुमकुम, बिंदी, गले के लिए माला या मंगलसूत्र, पायल, नथ, कान की बाली और कमर के लिए फूलों की वेणी का इस्तेमाल किया जाता है।

16 श्रृंगार में शामिल नहीं है लिपिस्टिक और आई लाइनर
डॉ. मिश्र बताते हैं कि मां भगवती को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र पर्व में सोलह श्रृंगार करने चाहिए और देवी को भी ये श्रृंगार की चीजें चढ़ानी चाहिए। लेकिन, लिपिस्टिक, पाउडर, आई लाइनर और नेल पॉलिश जैसी चीजें देवी को नहीं चढ़ानी चाहिए। केमिकल से बने इन कॉस्मेटिक्स का जिक्र ग्रंथों में भी नहीं किया गया है।

माता के श्रृंगार का महत्व
नवरात्रि में माता को सोलह श्रृंगार चढ़ाना शुभ होता है। इससे सुख और समृद्धि बढ़ती है और अखंड सौभाग्य भी मिलता है। देवी को सोलह श्रृंगार चढ़ाने के साथ ही महिलाओं को भी खुद सोलह श्रृंगार जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से मन प्रसन्न होता है और देवी कृपा भी मिलती है।

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