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हम तारों को छू नहीं सकते हैं, लेकिन अंधेरे में उन्हें देखते हुए अपनी मंजिल पर पहुंच सकते हैं ;स्वामी राम भजन वन

हम तारों को छू नहीं सकते हैं, लेकिन अंधेरे में उन्हें देखते हुए अपनी मंजिल पर पहुंच सकते हैं अगर कोई मार्गदर्शक मिल जाए तो राह आसान हो जाती है। पुराने समय में लोग यात्रा करते समय ध्रुव तारे को देखकर अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते थे, क्योंकि ध्रुव तारा हमेशा उत्तर दिशा में ही दिखाई देता है। तारों को हम छू नहीं सकते, लेकिन इन्हें देखते हुए अपने लक्ष्य पर जरूर पहुंच सकते हैं, यही काम सपनों का भी है। सपने भी हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं, मार्गदर्शन करते हैं।

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