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शांति कभी भी बलपूर्वक नहीं बनाई जा सकती है, शांति सिर्फ आपसी सहमति से ही बनाई जा सकती है:श्री महंत रवींद्र पुरी –

अगर कोई व्यक्ति धनवान है और उसके जीवन में शांति नहीं है तो उसका धन व्यर्थ ही रहता है। शांति के बिना कहीं भी सुख नहीं मिलता है, इसलिए ऐसे प्रयास करते रहना चाहिए, जिससे जीवन अशांति दूर रहे। जो लोग शांत रहना चाहते हैं, उन्हें अपने आसपास के लोगों से ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए, जिससे दूसरों को तकलीफ होती है। गलत शब्दों से रिश्ते बिगड़ते हैं और मन अशांत हो जाता है।

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