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जो व्यक्ति दिखावा करते हुए दान-पुण्य करता है, उसका अहंकार बढ़ता है, दान नि:स्वार्थ भाव से कर:ना चाहिए;स्वामी राम भजन वन

जो व्यक्ति दिखावा करते हुए दान-पुण्य करता है, उसका अहंकार बढ़ता है, दान नि:स्वार्थ भाव से करना चाहिएस भी पुण्य कर्मों में दान का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। दान से समाज में समानता का भाव आता है। जब हम जरूरतमंद लोगों की धन, अनाज और अन्य चीजें देकर मदद करते हैं तो वे दान दाता को शुभकामनाएं और आशीर्वाद देते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसी शुभकामनाएं और आशीर्वाद मुश्किल समय में व्यक्ति का साहस बढ़ाती हैं। दान देने से त्याग की भावना बढ़ती है और चीजों से मोह भी कम होता है। दान देने से व्यक्ति के स्वभाव में विनम्रता आती है।

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