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जैसी हमारी सोच होती है, दूसरे लोग हमें वैसे ही दिखाई देते हैं, इसलिए गलत विचारों से बचना चाहिए:स्वामी राम भजन वन

पुराने समय में एक गांव में एक व्यक्ति को सभी अशुभ मानते थे। गांव के लोगों की सोच ऐसी बन गई थी कि अगर सुबह-सुबह इस व्यक्ति का चेहरा देख लिया जाए तो पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।

गांव के लोग उस व्यक्ति को गांव से भगाने की कोशिश करने लगे। ये बात वहां के राजा तक पहुंची तो राजा को गांव के लोगों की बातों पर भरोसा नहीं हुआ। राजा ने व्यक्ति को अपने महल ही रुकने के लिए कहा। राजा खुद इस मामले की जांच करना चाहता था।

अगले दिन राजा ने सबसे पहले उस अशुभ माने जाने वाले व्यक्ति का चेहरा देखा। उस दिन सुबह से शाम तक राजा को खाना नहीं मिला। पूरे दिन उसे भूखे रहना पड़ा। शाम होते-होते तो राजा को बहुत गुस्सा आ गया। उसने भी मान लिया कि वह व्यक्ति सचमुच अशुभ ही है।

राजा ने उस व्यक्ति को मृत्यु दंड दे दिया और उसे सेवकों को आदेश दिया कि इस व्यक्ति को फांसी पर चढ़ा दो। राजा की आज्ञा पाकर सेवक उस व्यक्ति को फांसी पर चढ़ाने के लिए ले जा रहे थे। तभी राजा के मंत्री को ये बात मालूम हुई।

मंत्री तुरंत ही राजा के पास पहुंचा और पूछा, ‘आप इस निर्दोष व्यक्ति को मृत्यु दंड क्यों दे रहे हैं?’

राजा ने कहा, ‘ये व्यक्ति सचमुच अशुभ ही है। आज सुबह मैंने इसका चेहरा देखा तो मुझे दिनभर खाना नसीब नहीं हुआ है।’

मंत्री ने कहा, ‘राजन् क्षमा करें, लेकिन इस व्यक्ति ने भी आज सुबह सबसे पहले आपका चेहरा देखा था। आपको तो सिर्फ खाना नहीं मिला, लेकिन इस व्यक्ति के प्राणों का संकट खड़ा हो गया है। अब आप ही सोचिए कौन ज्यादा अशुभ है।’

ये बात सुनते ही राजा हैरान हो गया। मंत्री की बात तो सही थी। राजा को हैरान देखकर मंत्री ने कहा, ‘राजन् किसी भी व्यक्ति का चेहरा अशुभ नहीं होता है। चेहरा तो ईश्वर की देन है। अशुभ तो हमारी सोच होती है। हमारी सोच जैसी होगी, हमें दूसरे लोग भी वैसे ही दिखाई देंगे।’

राजा को मंत्री की बातें समझ आ गईं और राजा ने उस व्यक्ति को आजाद कर दिया।

जीवन प्रबंधन

हमें भी अपनी सोच सकारात्मक बनाए रखनी चाहिए। अगर नकारात्मक सोचेंगे तो दूसरे लोगों के लिए भी हमारी वैसी ही सोच हो जाएगी। गलत विचार हमारी सोच को नुकसान पहुंचाते हैं और हम दूसरों के लिए भी गलत सोचने लगते हैं। अच्छा सोचेंगे तो सभी लोग हमें अच्छे ही दिखाई देंगे।

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